चौबीसों घंटे निगरानी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और अर्द्धसैनिक बल की सख्त पहरेदारी में रखी गईं सभी मशीनें
डा. रूद्र किंकर वर्मा,अररिया।
बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के मतदान सम्पन्न होने के बाद अब पूरी निगाह ईवीएम की सुरक्षा पर केंद्रित है। अररिया जिले में वज्रगृह को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम अनिल कुमार और पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार ने संयुक्त रूप से कृषि उत्पादन बाजार समिति, अररिया स्थित वज्रगृह का निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंधों की बारीकी से समीक्षा की।
त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा इस तरह बुना गया है कि परिंदा भी पर न मार सके। पहले घेरे में जिला पुलिस बल, दूसरे में बीएसएपी के जवान, जबकि सबसे भीतर के घेरे में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के जवान 24×7 निगरानी में डटे हैं। वज्रगृह के हर कोने पर सीसीटीवी कैमरे तैनात हैं, जिनकी लाइव फीड कंट्रोल रूम और अर्द्धसैनिक बल कैंप दोनों जगह मॉनिटर की जा रही है।
डीएम के निर्देशानुसार सभी आरओ रोजाना दो बार वज्रगृह का निरीक्षण करेंगे। किसी भी व्यक्ति या वाहन का प्रवेश बिना अनुमति पूरी तरह वर्जित है। केवल पहचान सत्यापन के बाद ही सीमित अधिकारियों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।
सुरक्षा की गंभीरता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि वज्रगृह में प्रवेश करने वाले प्रत्येक कर्मी की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है। तीन पालियों में नियंत्रण कक्ष कार्यरत है, जहाँ राजपत्रित अधिकारी और पुलिस अधिकारी तैनात हैं। साथ ही, प्रत्याशियों के अधिकृत प्रतिनिधि भी निगरानी प्रक्रिया में शामिल हैं।
वज्रगृह परिसर में औचक निरीक्षण टीम भी सक्रिय है ताकि किसी भी समय सुरक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता परख सके।
अररिया प्रशासन का दावा है कि हर ईवीएम मशीन सुरक्षित है, और मतगणना तक निगरानी का यह सिस्टम लगातार जारी रहेगा।
लोकतंत्र की इस महायात्रा में अररिया का वज्रगृह फिलहाल सुरक्षा का आदर्श मॉडल बनकर उभरा है — जहाँ तकनीक, सतर्कता और पारदर्शिता एक साथ पहरा दे रही हैं।
अररिया में ईवीएम की सुरक्षा अभेद्य: त्रि-स्तरीय निगरानी में वज्रगृह, डीएम-एसपी ने लिया जायजा
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