कोसी नाऊ,घैलाढ(मधेपुरा)
शनिवार को घैलाढ प्रखंड मुख्यालय परिसर में भ्रष्टाचार के आरोपी मुखिया की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में धरना दिया गया।अरविंद यादव की अध्यक्षता में एकदिवसीय धरना दिया गया। घैलाढ (मधेपुरा) थाना कांड संख्या 772/25 एवं 776/25 में पुलिस द्वारा नामजद आरोपित को गिरफ्तार किए जाने की मांग की गई।साथ ही भ्रष्टाचार के आरोपी मुखिया को पद से हटाने की भी मांग की हुई।धरना कार्यक्रम में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्र के सैकड़ों आम लोगों ने भाग लिया।अरविंद यादव ने बताया कि आयुक्त कोशी प्रमंडल के आदेश पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मुखिया के विरुद्ध घैलाढ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मुखिया विमल कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजने एवं उनके कार्यकाल में कराए गए तमाम योजनाओं की जांच करवाकर तीन सप्ताह के अंदर मुखिया पद से हटाने का भी आदेश था। लेकिन दो माह बाद भी जब आयुक्त महोदय के आदेश का पालन प्रखंड विकाश पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष द्वारा नहीं किया जा रहा है। पदाधिकारियों के द्वारा टाल मटोल का रवैया अपनाया जा रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि इस मुखिया के ऊपर पूर्व में भी धोखाध़डी के मामले में कांड संख्या 772/25 भी दर्ज है। लेकिन फिर भी प्रशासन के द्वारा मुखिया को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
धरना को संबोधित करते हुए जदयू जिला उपाध्यक्ष कुमार राजीव रंजन ने कहा कि यह मुखिया मनरेगा में भी गबन किए है।इनके प्रथम अपीलीय सह लोकपाल मनरेगा ग्रामीण विकाश विभाग बिहार पटना ने परिवाद संख्या 14/2023 एवं 55/2023 में भी दोषी करार किए गए है। और इनपर जुर्माना भी लगाया गया है। मुखिया ने अपने कार्यकाल में योजनाओं की राशि लुट कर अपने पिताजी के नाम से कई जगह जमीन खरीद लिया है। साथ ही मुखिया पद पर रहते हुए अपने दादी जितनी देवी के नाम से घैलाढ मौजा में बिहार सरकार की जमीन खाता संख्या 1630 खेसरा 6698, रकबा – 10 डिसमिल जमीन पूर्व अंचल अधिकारी से जमाबंदी कायम करवा कर उक्त जमीन पर दो मंजिला मकान बनवा लिया है।
जदयू प्रवक्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट राजीव जोशी ने धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत जल्द दोषी मुखिया की गिरफ्तारी के लिए डीजीपी, मुख्य सचिव, एवं माननीय मुख्यमंत्री से मिल कर कारवाई की मांग की जाएगी।
मौके पर आयांश जन कल्याण फाउंडेशन के संस्थापक बरूण कुमार मेहता ने बताया कि मुखिया विमल कुमार फर्जी प्रमाण पत्र पर अपनी पत्नी को जेई बनाने के लिए तकनीकी सेवा आयोग पटना में 29 नवम्बर 2024 को काउंसलिंग कराने भेजा गया जो सत्यापन में डिग्री फर्जी पाया गया और इनके ऊपर सचिवालय थाना पटना में कांड संख्या 175/24,दिनांक 30.11.2024 भी दर्ज है। जिसमें उनकी पत्नी जेल भी गई। उक्त फर्जी प्रमाण पत्र पर ही सर्वे जमीन बंदोबस्त कार्यालय में अभी तक बहाल है।इसकी उच्चस्तरीय जांच करवाकर पुनः इनके ऊपर केश कर इनका वेतन वसूल किया जाए और इतने सारे भ्रष्टाचार करने के बाद भी उपरोक्त मुखिया पर संबंधित कुछ पदाधिकारी इनको बचाने में लगे हुए है। मौके पर सैकड़ो धरनार्थी ने एक स्वर में मांग किया कि मुखिया विमल की अविलंब गिरफ्तारी हो।
मौके पर चंदन कुमार, संजय यादव, बरुण यादव, नेपाल मंडल श्यामसुंदर लीला देवी मंडल, योगेंद्र राम, नवीन कुमार केशव प्रियदर्शी, लक्ष्मी यादव मन्ना साह, हरे कृष्ण, भूपेंद्र यादव, राजो यादव राजेश कुमार, मंटू कुमार समेत सैकड़ो प्रदर्शनकारी ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मुखिया के गिरफ्तारी की मांग की।



