IMAGINATION IN MOTION : टी.एम. विश्वविद्यालय भागलपुर में क्रिएटिव राइटिंग कार्यशाला का आगाज़
कोसी नाऊ ब्यूरो,भागलपुर।
टी.एम. विश्वविद्यालय, भागलपुर के अंग्रेज़ी विभाग में शुरू हुई दो दिवसीय कार्यशाला “Imagination in Motion – Creative Writing Workshop” का उद्घाटन शुक्रवार को राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय, सहरसा के प्रधानाचार्य प्रो.(डा.) गुलरेज रौशन रहमान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन के साथ ही सभागार में साहित्य, कल्पनाशक्ति और रचनात्मक अभिव्यक्ति की एक नई ऊर्जा दौड़ गई।
*उद्घाटन सत्र: रहमान का सारगर्भित और प्रेरक व्याख्यान*
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो.(डा.) गुलरेज रौशन रहमान ने अपने विशेष व्याख्यान में रचनात्मक लेखन की आत्मा को अनोखे अंदाज़ में परिभाषित किया।
उन्होंने कहा—
“रचनात्मक लेखन केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि संवेदना, कल्पना और बौद्धिक स्वतंत्रता का संगम है। कलम तभी असरदार बनती है जब लेखक दुनिया को देखने की नज़र बदल देता है।”
प्रो.रहमान ने छात्रों को लेखन की पांच अनिवार्य शक्तियों—
कल्पना, निरीक्षण क्षमता, भाषा-कुशलता, अनुभव और संवेदनशीलता—के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में क्रिएटिव राइटिंग सिर्फ साहित्य तक सीमित नहीं, बल्कि पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया, फ़िल्म, ओटीटी, विज्ञापन और रिसर्च में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ी है।
*कार्यशाला का उद्देश्य और दिशा*
कहानियों से लेकर कविताओं तक—रचनात्मकता का पूरा पाठ्यक्रम
कार्यशाला में प्रतिभागियों को दो दिनों तक इन विषयों पर विशेष प्रशिक्षण मिलेगा—
कहानी लेखन एवं कथानक निर्माण
चरित्र विकास की तकनीक
कविता लेखन और भावानात्मक प्रस्तुति
संवाद लेखन एवं दृश्य निर्माण
रचनात्मक सोच को विकसित करने की विधियां
आधुनिक लेखन शैली व डिजिटल कंटेंट क्रिएशन
सत्रों को देशभर के अनुभवी प्रोफेसर, लेखक और प्रशिक्षक संबोधित करेंगे।
*भविष्य के साहित्यकारों के लिए सुनहरा अवसर*
अंग्रेज़ी विभाग का यह विशेष आयोजन उन विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है जो—साहित्य, पत्रकारिता, फ़िल्म लेखन, मीडिया, शोध एवं शिक्षण—किसी भी क्षेत्र में लेखन को अपना करियर बनाना चाहते हैं।
“कल्पना जब गति पकड़ती है, तो साहित्य जन्म लेता है”
रहमान के प्रेरक शब्दों और अंग्रेज़ी विभाग की इस पहल ने छात्रों के बीच एक नई उमंग जगा दी है।
“Imagination in Motion” का यह आयोजन न केवल क्रिएटिव राइटिंग का प्रशिक्षण है, बल्कि एक नए साहित्यिक सफर की शुरुआत भी है—
जहाँ हर विद्यार्थी अपनी कल्पना से दुनिया गढ़ने की कला सीख रहा है।
आर एम कॉलेज सहरसा के प्रधानाचार्य प्रो.(डा.)रहमान ने दी रचनात्मकता को नई उड़ान
Leave a Comment


