कोसी नाऊ ब्यूरो, मधेपुरा।
भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के पांचवें कुलपति डॉ.महावीर प्रसाद यादव ने विद्वान प्राचार्य सहित विधायक व सांसद के रूप में कुशल प्रशासक तथा शिक्षा विभाग के शिक्षा मंत्री के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की। आज उनकी 100वीं जयंती पर विश्वविद्यालय स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कुलसचिव प्रो.(डॉ.) अशोक कुमार ठाकुर ने ये बातें कही। कुलसचिव श्री ठाकुर ने माल्यार्पण कर उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि महावीर बाबू ने विश्वविद्यालय में बेहतर काम किया है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी डॉ.सुनील कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ.शंकर मिश्रा, विकास पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार, डाॅ.इम्तियाज अंजुम, पृथ्वीराज यदुवंशी, राजीव कुमार, इंजीनियर रितेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारीगण व कर्मीगण मौजूद रहे। सबों ने बारी-बारी से माल्यार्पण व पुष्पांजलि करने के बाद श्रद्धापूर्वक उनकी कार्यशैली की चर्चा करते हुए नमन किया। मौके पर महावीर बाबू के दो पुत्र बड़े प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, विभागाध्यक्ष, जंतु विज्ञान विभाग, बीएनएमयू एवं सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी मनोज कुमार मौजूद थे।
समाजसेवी-साहित्यकार सह विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक, कुलानुशासक व कुलसचिव आदि पदों पर कार्यरत रह चुके प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि महावीर बाबू दो-दो विश्वविद्यालयों के प्रतिकुलपति भी रहे हैं- एक पटना विश्वविद्यालय और दूसरा बिहार विश्वविद्यालय। उन्होंने टीपी कॉलेज के प्राचार्य के रूप में इतना काम किया कि छात्र, अभिभावक एवं मधेपुरा के गणमान्यों द्वारा उन्हें टीपी कॉलेज का विश्वकर्मा कहा जाता है। मधेपुरावासी, संस्थापक प्राचार्य रतन चंद को कॉलेज की आत्मा तथा करुणा कुमार झा को अनुशासनप्रिय प्राचार्य के रूप में सुमार करते हैं।


