हाइ कोर्ट वकील मणिभूषण प्रताप सेंगर ने सीएम को मेल भेजकर सीबीआई जांच का किया मांग
कोसी नाऊ ब्यूरो,पटना।
पटना हाइ कोर्ट के अधिवक्ता एवं जनहित याचिका एक्सपर्ट मणिभूषण प्रताप सेंगर ने प्रशांत किशोर द्वारा मंत्री अशोक चौधरी के विरुद्ध लगाए आरोप के बाबत सीएम नीतीश कुमार से हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।इस बाबत अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने सीएम को मेल भेजकर कहा है कि हाल ही में, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मंत्री अशोक चौधरी पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का गंभीर आरोप सार्वजनिक रूप से लगाया हैं।जिनकी पुष्टि होने पर जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात और आपराधिक कदाचार माना जाएगा।इन्होंने सीएम से तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए कहा कि ताकि निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जाँच (अधिमानतः सीबीआई या किसी विश्वसनीय केंद्रीय जाँच एजेंसी द्वारा) का आदेश दिया जा सके और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सके।
प्रशांत किशोर द्वारा अशोक चौधरी पर लगाए गए प्रमुख आरोप
1. वैभव विकास ट्रस्ट के माध्यम से संपत्ति का अधिग्रहण:-
आरोप है कि श्री अशोक चौधरी ने वैभव विकास ट्रस्ट के माध्यम से, विशेष रूप से अपनी बेटी की शादी में वित्तीय सहायता प्राप्त करने के बाद, लगभग ₹200 करोड़ मूल्य की बड़ी मात्रा में भूमि और अन्य संपत्तियाँ अर्जित कीं।
किशोर सवाल उठाते हैं कि इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संपत्ति कैसे अर्जित की गई, और धन के स्रोत, लेन-देन के विवरण और लाभार्थियों का खुलासा करने की माँग करते हैं।
2. सरकारी ठेकों पर कमीशन (रिश्वत का आरोप):-
आरोप है कि श्री चौधरी हाल के महीनों में ₹20,000 करोड़ से अधिक मूल्य के सरकारी ठेकों पर 5% कमीशन ले रहे थे।
किशोर का दावा है कि ऐसे साक्ष्य मौजूद हैं जो दर्शाते हैं कि कैसे कमीशन के बदले कुछ पक्षों को लाभ पहुँचाने के लिए भुगतान और ठेके के आवंटन में हेराफेरी की गई।
3. अवैध संपत्तियाँ और बेनामी संपत्तियाँ / बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई संपत्तियाँ:-
श्री किशोर ने दावा किया है कि श्री चौधरी ने ₹500 करोड़ मूल्य की अघोषित / अवैध संपत्तियाँ अर्जित की हैं, जो घोषित संपत्ति के खुलासे में परिलक्षित नहीं होती हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मंत्री इन दावों का खंडन करते रहे तो इन दावों की पुष्टि करने वाले दस्तावेज़ प्रकाशित कर दिए जाएँगे।
4. मानहानि का नोटिस, धमकी और चुनौती:-
आरोपों के जवाब में, श्री अशोक चौधरी ने श्री किशोर को मानहानि का नोटिस भेजकर ₹100 करोड़ की माँग की है और सबूत पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
किशोर ने जवाब में चौधरी से इस्तीफ़ा देने या कानूनी कार्रवाई/सार्वजनिक रूप से सामने आने की माँग की है।


