राजद चौथी बार प्रो. चंद्रशेखर पर खेलेगी दांव या चुनावी वैतरणी के लिए बदलेगी प्रत्याशी?
– 2010 से लगातार राजद का है मधेपुरा सीट पर कब्जा
- प्रो चंद्रशेखर लगातार तीन बार दर्ज कर चुके है जीत
- इस बार एंटी इंकम्बेंसी फैक्टर के कारण प्रत्याशी बदले जाने की है जोरदार चर्चा
विशाल भारती, कोसी नाउ, मधेपुरा:

चुनाव आयोग के द्वारा भले ही अब तक के 2025 विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन रणभेरियां बज चुकी है। चुनावी बिगूल बज चुका है। चारों ओर चुनाव प्रचार जोरों शोरों पर है। सभी पार्टियों एड़ी- चोटी का जोर लगा रही है। लोस चुनाव में मधेपुरा से दिग्गज नेता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, दिवंगत जदयू नेता शरद यादव एवं वर्तमान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने चुनाव लड़कर इसे हॉट सीट बनाकर राष्ट्रीय पहचान दिलाई। मधेपुरा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार से राजद का कब्जा रहा है।2010 से लगातार राजद के प्रो चंद्रशेखर चुनाव जीतते आ रहे है।लेकिन इस बार पार्टी टिकट को लेकर उम्मीदवारों को लंबी चौड़ी लिस्ट बन गई है।सीटिंग विधायक को छोड़कर आधा दर्जन गंभीर उम्मीदवार अभी से मैदान में है।ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस चुनाव की वैतरणी को पार करने के लिए पुनः चौथी बार राजद वर्तमान विधायक प्रो. चंद्रशेखर पर ही दांव लगाएंगी या नए चेहरे को सामने करेगी। इसको लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। इसी स्थिति में राजद से जुड़े जिले इकाई के कई नेता भी अपनी दावेदारी पेश करने में पीछे नहीं हट रहे हैं।
– प्रत्याशियों के शक्ति प्रदर्शन पर भी तेजस्वी ने साधी चुप्पी :–
विगत दिनों बिहार अधिकार यात्रा के क्रम में मधेुपरा पहुंचे तेजस्वी यादव के सामने अपनी दावेदारी पेश कर रहे प्रत्याशियों ने जमकर अपना शक्ति प्रदर्शन किया। हालांकि उस शक्ति प्रदर्शन पर तेजस्वी बिल्कुल शांत बने रहे। उन्हाेंने ऐसा कोई भी संकेत नहीं दिया जिससे कि इस बात से संशय हट सके कि “कौन होगा मधेपुरा से राजद का 2025 के लिए प्रत्याशी”। लेकिन इस दौरान अपना मजबूत दावा पेश करने वाले प्रत्याशी अपने-अपने शक्ति प्रदर्शन को लेकर भी माहौल बनाने में जुटे हैं कि हमने सबसे प्रभावी शक्ति प्रदर्शन कर अपना टिकट पक्का कर लिया है। लेकिन राजद पूरी तरीके से चुप्पी साधे है। इसका मुख्य कारण यह है कि राजद सर्वे करा रही है एवं सर्वे का रिजल्ट आने के बाद ही प्रत्याशी की घोषणा करेगी। इसको लेकर अभी पूरी तरीके से राजद का फोकस सर्वे के नतीजों पर है। सर्वे के नतीजों एवं वर्तमान स्थिति को देखते हुए ही शीर्ष नेतृत्व के द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
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राजद किसी कीमत पर मधेपुरा विस को नहीं चाहता खोना:- पिछले दो दशकों में प्रो. चंद्रशेखर यादव ने लगातार तीन बार राजद के इस किले को अभेद्द रखा है। इसी को देखते हुए राजद स्थानीय स्तर सर्वे कराकर अपने कार्यकर्ताओं एवं पुराने नेताओं को नाराज किए बिना प्रत्याशी की घोषणा करना चाहता है। तेजस्वी के बिहार अधिकार यात्रा में संभावित प्रत्याशियों को कोई ग्रीन सिग्नल नहीं मिलने से उनके बीच ऊहापोह की स्थिति है।
राजद यहां हर हाल में विनिंग कैंडिडेट को उतारना चाहती है। इसको एक अन्य पहलू के रूप में देखें तो पिछले चुनाव जिस प्रकार से तेजस्वी के नेतृत्व में राजद ने जैसा प्रदर्शन किया था। इसको लेकर आपसी कलह को किसी प्रकार से राजद मधेपुरा जिला इकाई के कार्यकर्ताओं के बीच हावी नहीं होने देना चाहता है। ताकि सत्ता में वापसी के लिए कोई एक सीट पर भी संशय न रहे।
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कई नामचीन तो कई नए चेहरे ठोक रे ताल
वर्तमान विधायक प्रो. चंद्रशेखर यादव एक विकल्प के तौर पर राजद के पास है ही। लेकिन इस बार का समीकरण बिल्कुल बदला-बदला नजर आ रहा है। इसक मुख्य कारण है कि राजद के स्थानीय स्तर के नेताओं के द्वारा अपनी-अपनी दावेदारी पेश की जा रही है। अपनी दावेदारी पेश करने वाले कुछ नेताओं के पास ठीक-ठाक जनाधार है तो कई सोशल मीडिया पर लाइमलाइट में रहने के लिए चुनावी मैदान में उतरने के लिए ताल ठोक रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो 2024 लोकसभा चुनाव में मधेपुरा से राजद का नेतृत्व कर चुके डॉ. कुमार चंद्रदीप के नाम भी टिकट के रेस में शामिल है। इसके अलावे राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव, ई. प्रणव प्रकाश, रणधीर यादव, कुमारी विनीता भारती की भी मजबूत उम्मीदवारी है। इन सभी के द्वारा जनता के बीच अपनी दावेदारी को लेकर लगातार जनसंपर्क अभियान एवं प्रचार प्रसार किया जा रहा है। लेकिन वर्तमान समय की स्थिति यही है कि राजद मधेपुरा से किसको टिकट देती है, यह भविष्य के गर्भ में पल रहा है। जो राजद के स्थानीय सर्वे के बाद ही लोगों के समक्ष आ पाएगी।
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